दैनिक पंचांग
नई दिल्ली, भारत के लिए आज का हिन्दू पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहु काल और दिन के शुभ मुहूर्त सहित। किसी भी तिथि का पूरा पंचांग चुनकर देखें।
📍 नई दिल्ली, भारत
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या8:57 am तक
- नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी1:16 pm तक
- वार
- शुक्रवार
- योग
- साध्य
- सूर्योदय
- 6:04 am
- सूर्यास्त
- 6:31 pm
पंचांग क्या है?
पंचांग यानी “पाँच अंग” — किसी एक दिन का हिन्दू पंचांग सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति दर्ज करता है, और उसी से वे पाँच अंग निकलते हैं जो बताते हैं कि कोई समय शुभ है या नहीं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।
हर मान किसी निश्चित स्थान के सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए पंचांग शहर के अनुसार बदलता है — वही तिथि दिल्ली और चेन्नई में अलग-अलग समय पर समाप्त होती है। यहाँ हर दिन की गणना Swiss Ephemeris से, लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश के अनुसार होती है, वही मानक जो भारतीय पंचांग अपनाते हैं।
पंचांग के पाँच अंग
तिथि
चांद्र दिवस, यानी वह समय जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12° दूर जाता है। दो पक्षों में तीस तिथियाँ मिलकर एक चांद्र मास बनाती हैं।
नक्षत्र
चंद्रमा जिन 27 तारा-समूहों से गुज़रता है उनमें से एक, मुहूर्त और जन्म-कुंडली में प्रयुक्त।
योग
सूर्य और चंद्रमा के देशांतरों का योग: 27 योग, जो दिन की सामान्य प्रकृति बताते हैं।
करण
तिथि का आधा भाग। ग्यारह करण महीने भर दोहराते हैं और शुभ समय चुनने में महत्व रखते हैं।
वार
सप्ताह का दिन, मध्यरात्रि से नहीं, सूर्योदय से सूर्योदय तक गिना जाता है।
आने वाले त्योहार और व्रत
हर तिथि पर उस दिन का पूरा पंचांग — तिथि, मुहूर्त और दिन के समय।
तिथि अनुसार पंचांग
आने वाली हर तिथि का तिथि, नक्षत्र, योग, करण और दिन के मुहूर्त।
- 11 सित॰ 2026
- 12 सित॰ 2026
- 13 सित॰ 2026
- 14 सित॰ 2026
- 15 सित॰ 2026
- 16 सित॰ 2026
- 17 सित॰ 2026
- 18 सित॰ 2026
- 19 सित॰ 2026
- 20 सित॰ 2026
- 21 सित॰ 2026
- 22 सित॰ 2026
- 23 सित॰ 2026
- 24 सित॰ 2026
- 25 सित॰ 2026
- 26 सित॰ 2026
- 27 सित॰ 2026
- 28 सित॰ 2026
- 29 सित॰ 2026
- 30 सित॰ 2026
- 1 अक्टू॰ 2026
- 2 अक्टू॰ 2026
- 3 अक्टू॰ 2026
- 4 अक्टू॰ 2026
- 5 अक्टू॰ 2026
- 6 अक्टू॰ 2026
- 7 अक्टू॰ 2026
- 8 अक्टू॰ 2026
- 9 अक्टू॰ 2026
- 10 अक्टू॰ 2026
- 11 अक्टू॰ 2026
- 12 अक्टू॰ 2026
- 13 अक्टू॰ 2026
- 14 अक्टू॰ 2026
- 15 अक्टू॰ 2026
- 16 अक्टू॰ 2026
- 17 अक्टू॰ 2026
- 18 अक्टू॰ 2026
- 19 अक्टू॰ 2026
- 20 अक्टू॰ 2026
- 21 अक्टू॰ 2026
- 22 अक्टू॰ 2026
- 23 अक्टू॰ 2026
- 24 अक्टू॰ 2026
- 25 अक्टू॰ 2026
आगे के महीने
सामान्य प्रश्न
- पंचांग के पाँच अंग कौन-से हैं?
- तिथि (चांद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्रमा का तारा-समूह), योग (सूर्य और चंद्रमा के देशांतरों का योग) और करण (तिथि का आधा भाग)। ये पाँच मिलकर दिन की प्रकृति बताते हैं।
- राहु काल क्या है?
- हर दिन का लगभग 90 मिनट का अशुभ समय, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के अंतराल से निकाला जाता है। परंपरा में इस समय कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता; इसका समय वार और स्थान के अनुसार बदलता है।
- यह पंचांग किस स्थान के लिए है?
- नई दिल्ली, भारत, लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश के अनुसार। राहु काल और अभिजीत मुहूर्त जैसे सूर्योदय-आधारित मान भारत के अन्य शहरों में कुछ मिनट आगे-पीछे होते हैं।