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भाद्रपद पूर्णिमा

Bhadrapada Purnima

अगली तिथि

भाद्रपद पूर्णिमा

बुधवार, 15 सितंबर 2027

347 दिन बाद

Bhadrapada Shukla Purnima

भाद्रपद पूर्णिमा के बारे में

भाद्रपद पूर्णिमा भाद्रपद मास की पूर्णिमा है, जो व्रत, सत्यनारायण पूजा और दान के साथ मनाई जाती है।

भाद्रपद पूर्णिमा 2026 की मुख्य तिथियां व समय

  • दिनांक: 26 सितंबर 2026 (शनिवार)

  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 25 सितंबर 2026 को रात 11:06 PM बजे से

  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 26 सितंबर 2026 को रात 10:18 PM बजे तक

  • सत्यनारायण पूजा मुहूर्त: सुबह 07:42 AM से 09:12 AM तक (इसके अतिरिक्त सुबह 11:48 AM से दोपहर 12:36 PM के बीच अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा की जा सकती है)

  • चंद्रोदय: शाम 05:55 PM बजे

  • पूर्णिमा श्राद्ध अपराह्न काल: दोपहर 01:24 PM से दोपहर 03:49 PM तक

इस दिन का महत्व

हर पूर्णिमा स्नान, दान और व्रत के लिए उपयुक्त मानी जाती है, पर भाद्रपद की पूर्णिमा वर्ष की एक खास संधि पर पड़ती है। वर्षा ऋतु का मास समाप्त हो रहा होता है, गणेश उत्सव का पर्वकाल अभी बीता होता है, और पूर्वजों को समर्पित पक्ष आरंभ होने वाला होता है। कई लोग दिन भर व्रत रखते हैं और चंद्रदर्शन के बाद पारण करते हैं।

कैसे मनाया जाता है

दिन की शुरुआत स्नान से होती है, हो सके तो नदी में, या घर के जल में गंगाजल मिलाकर। घरों में सत्यनारायण पूजा होती है और कथा पढ़ी या सुनी जाती है, पंचामृत तथा सूजी, घी और शक्कर के सीरे का प्रसाद चढ़ता है। दिन का दूसरा हिस्सा दान का है: अन्न, वस्त्र, घी या भोजन, ब्राह्मण को अथवा किसी ज़रूरतमंद को। शाम को चंद्रमा को जल से अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।

पूर्णिमा श्राद्ध

यही दिन पूर्णिमा श्राद्ध का भी है। श्राद्ध उसी तिथि को किया जाता है जिस तिथि को व्यक्ति का देहावसान हुआ हो, इसलिए जिनके माता-पिता या पूर्वज पूर्णिमा को गए हों, वे पितृ पक्ष के किसी दिन की प्रतीक्षा किए बिना आज ही तर्पण करते हैं। दोपहर के अपराह्न काल में जल, काले तिल और कुशा से तर्पण किया जाता है, और परिवार के भोजन से पहले कौए, गाय तथा ब्राह्मण के लिए भोजन निकाला जाता है। पितृ पक्ष अगले दिन प्रतिपदा श्राद्ध से आरंभ होता है।

सही समय चुनना

अधिकतर वर्षों में पूर्णिमा दो दिनों में फैली होती है, इसलिए व्रत, पूजा और श्राद्ध अलग-अलग तारीख़ों पर पड़ सकते हैं, क्योंकि हर कर्म को तिथि का अलग भाग चाहिए। सत्यनारायण पूजा पूर्णिमा के चलते समय में होती है और श्राद्ध अपराह्न में। अपने शहर के लिए पूर्णिमा का प्रारंभ व समापन, चंद्रोदय और अपराह्न काल ऊपर दिए पंचांग में, या Kaalo ऐप में देख लें।

आगामी तिथियाँ

  • 2027बुधवार, 15 सितंबर 2027अगलाBhadrapada Shukla Purnima
  • 2028रविवार, 3 सितंबर 2028Bhadrapada Shukla Purnima

इस दिन का पंचांग

बुधवार, 15 सितंबर 2027

तिथि
पूर्णिमा (शुक्ल)4:34 am, 16 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा11:33 am तक
योग
धृति
करण
विष्टि (भद्रा)
वार
बुधवार
चंद्र राशि
कुम्भ
सूर्य राशि
सिंह
सूर्योदय
6:06 am
सूर्यास्त
6:27 pm
चंद्रोदय
5:59 pm
चंद्रास्त
5:20 am
विक्रम संवत
VS 2084
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
मास (अमांत)
भाद्रपद
राहु काल12:16 pm – 1:49 pm
पूरा पंचांग देखें →

अन्य व्रत