अजा एकादशी
Aja Ekadashi
अगली तिथि
अजा एकादशी
शनिवार, 28 अगस्त 2027
349 दिन बाद
अजा एकादशी के बारे में
अजा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक महत्वपूर्ण एकादशी है। यह भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। एकादशी का व्रत आमतौर पर द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद पारण करके पूरा किया जाता है।
अजा एकादशी पूजा
पूजा में भगवान विष्णु को फूल, फल, तुलसी, धूप और दीप अर्पित किए जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की प्रार्थना और कथा सुनना भी शुभ माना जाता है।
अजा एकादशी का महत्व
अजा एकादशी आध्यात्मिक शांति, भक्ति और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। भक्त इस दिन अपने पिछले कर्मों के लिए क्षमा मांगते हैं और अच्छे जीवन की प्रार्थना करते हैं।
अजा एकादशी की कथा
प्राचीन समय में हरिश्चंद्र नाम के एक राजा थे। वे सत्य और धर्म के लिए प्रसिद्ध थे, लेकिन उन्हें जीवन में बहुत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। अपने दुखों से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने ऋषि के बताए अनुसार अजा एकादशी का व्रत रखा और भगवान विष्णु की पूजा की।
व्रत और भगवान विष्णु की भक्ति के प्रभाव से राजा हरिश्चंद्र के जीवन के दुख दूर हुए और उन्हें अपना खोया हुआ सम्मान और सुख वापस मिला।
इसी कारण अजा एकादशी को पापों से मुक्ति, दुखों से राहत और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
आगामी तिथियाँ
- 2027शनिवार, 28 अगस्त 2027अगला
- 2028बुधवार, 16 अगस्त 2028
इस दिन का पंचांग
शनिवार, 28 अगस्त 2027
- तिथि
- एकादशी (कृष्ण)12:43 pm तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा8:33 am तक
- योग
- सिद्धि
- करण
- बालव
- वार
- शनिवार
- चंद्र राशि
- मिथुन
- सूर्य राशि
- सिंह
- सूर्योदय
- 5:57 am
- सूर्यास्त
- 6:48 pm
- चंद्रोदय
- 1:44 am
- चंद्रास्त
- 4:13 pm
- विक्रम संवत
- VS 2084
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- श्रावण