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दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी)

Durga Ashtami (Maha Ashtami)

अगली तिथि

दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी)

गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027

345 दिन बाद

दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) के बारे में

दुर्गा अष्टमी, जिसे महाअष्टमी भी कहते हैं, शारदीय नवरात्रि की आठवीं तिथि है और ज़्यादातर घरों में कन्या पूजन इसी दिन होता है। इस दिन माँ महागौरी की पूजा होती है, हवन किया जाता है, और कई लोग कन्याओं को भोजन कराने तक व्रत रखते हैं। असली पेच समय का है। अष्टमी कभी सुबह ही ख़त्म होकर उसी दिन नवमी में बदल जाती है, इसलिए तारीख़ के साथ तिथि का समय भी देखना पड़ता है।

मुख्य तिथियाँ और समय

तारीख़: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026

तिथि: शुक्ल अष्टमी (आश्विन)

अष्टमी आरंभ: रविवार, 18 अक्टूबर 2026, सुबह 8:29 बजे

अष्टमी समाप्त: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026, सुबह 10:52 बजे

संधि पूजा (48 मिनट): सोमवार, 19 अक्टूबर 2026, सुबह 10:27 बजे से 11:15 बजे तक

यह दिन क्या है

अष्टमी पर देवी की पूजा माँ महागौरी के रूप में होती है। यह शांत और गौर वर्ण वाला रूप है, जो सप्तमी की उग्र कालरात्रि के बाद आता है। संधि पूजा भी इसी तिथि से जुड़ी है। यह पूजा अष्टमी के समाप्त होने और नवमी के लगने के क्षण में की जाती है, और मान्यता है कि उसी समय माँ चामुंडा ने चंड और मुंड का वध किया था। बंगाल और पूर्वी भारत में महाअष्टमी दुर्गा पूजा के सबसे व्यस्त दिनों में से एक है, जिसमें सुबह की अंजलि और कुमारी पूजा होती है।

कैसे मनाते हैं

उत्तर भारत में ज़्यादातर जगह इस दिन कन्या पूजन होता है। दो से दस साल की नौ कन्याओं को घर बुलाकर उनके पैर धोए जाते हैं और हलवा, पूरी और काले चने का भोजन कराया जाता है। साथ में अक्सर एक छोटे लड़के को बटुक भैरव के रूप में बिठाते हैं। हर कन्या को तिलक लगाया जाता है और छोटा-सा उपहार दिया जाता है। कई परिवार पहले हवन करते हैं, और कुछ लोग कन्याओं के भोजन करने तक व्रत रखते हैं। कुछ घरों में अपनी कुल परंपरा के हिसाब से कन्या पूजन नवमी को होता है, इसलिए घर में पूछ लें कि आपके यहाँ कौन सा दिन माना जाता है।

सही समय कैसे चुनें

अष्टमी तिथि के हिसाब से गिनी जाती है, और तिथि घड़ी के हिसाब से नहीं चलती। किसी साल यह एक शाम पहले लग जाती है और दोपहर से पहले ख़त्म हो जाती है, किसी साल अगली सुबह तक चलती है। संधि पूजा 48 मिनट की होती है: अष्टमी के आख़िरी 24 मिनट और नवमी के पहले 24 मिनट। इसलिए यह सुबह, दोपहर या रात, किसी भी समय पड़ सकती है। अगर अष्टमी जल्दी ख़त्म हो रही हो, तो कन्या पूजन और हवन अष्टमी के भीतर ही रखें। दिल्ली के लिए तिथि का समय Kaalo पंचांग में देख लें, बेहतर होगा कि एक रात पहले।

आगामी तिथियाँ

  • 2027गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027अगला
  • 2028सोमवार, 25 सितंबर 2028Ashtami prevails Sep 25 daytime; udaya tithi Sep 26 in some calendars

इस दिन का पंचांग

गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027

तिथि
अष्टमी (शुक्ल)6:28 am, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा7:14 am, 8 अक्टू॰ तक
योग
शोभन
करण
विष्टि (भद्रा)
वार
गुरुवार
चंद्र राशि
धनु
सूर्य राशि
कन्या
सूर्योदय
6:17 am
सूर्यास्त
6:01 pm
चंद्रोदय
1:12 pm
चंद्रास्त
11:33 pm
विक्रम संवत
VS 2084
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
मास (अमांत)
आश्विन
राहु काल1:37 pm – 3:05 pm
पूरा पंचांग देखें →

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