Kaalo Calendar

विजयादशमी (दशहरा)

Vijayadashami (Dussehra)

त्योहारसार्वजनिक अवकाश

अगली तिथि

विजयादशमी (दशहरा)

शनिवार, 9 अक्टूबर 2027

347 दिन बाद

विजयादशमी (दशहरा) के बारे में

विजयादशमी, जिसे दशहरा भी कहते हैं, आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को पड़ती है और नवरात्रि का समापन करती है। उत्तर भारत में यह राम की रावण पर विजय का दिन है, जब रामलीला के बाद शाम को रावण के पुतले जलाए जाते हैं। बंगाल में इसी दिन दुर्गा को विदाई दी जाती है। मुख्य पूजा अपराह्न यानी दोपहर के बाद की जाती है, जब दशमी चल रही हो। इसलिए सुबह के पंचांग में नवमी दिखे तो इसमें कुछ गलत नहीं है।

मुख्य तिथियाँ और समय

तारीख़: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

तिथि: शुक्ल दशमी (आश्विन)

दशमी आरंभ: 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:51 बजे

दशमी समाप्त: 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 02:12 बजे

अपराह्न पूजा का समय: दोपहर 01:14 बजे से दोपहर 03:30 बजे तक

सूर्यास्त, दिल्ली (रावण दहन इसके बाद): शाम 05:47 बजे (सूर्यास्त के बाद रावण दहन किया जाएगा)

 यह दिन क्या है

इस दिन दो कथाएँ मिलती हैं। रामायण की परंपरा में राम रावण का वध करके उसका राज समाप्त करते हैं। देवी की परंपरा में माँ दुर्गा नौ दिन के युद्ध के बाद महिषासुर पर विजय पाती हैं। दोनों को अहंकार और अन्याय की हार के रूप में सुनाया जाता है, और 'विजय' शब्द दोनों का है। विजयादशमी साल के साढ़े तीन शुभ मुहूर्तों में से एक भी मानी जाती है, इसलिए बहुत से लोग अलग से मुहूर्त देखे बिना इस दिन नया काम शुरू करते हैं या कुछ खरीदते हैं।

कैसे मनाते हैं

दिल्ली एनसीआर और पूरे उत्तर भारत में रामलीला का सिलसिला शाम को रावण दहन के साथ पूरा होता है, जिसमें रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाते हैं। कई घरों में दिन में शस्त्र पूजा होती है, जिसमें औज़ार, वाहन और कुछ परिवारों में शस्त्र पूजे जाते हैं। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में लोग आपटा की पत्तियाँ 'सोना' कहकर एक-दूसरे को देते हैं। बंगाल में सुहागिनें सिंदूर खेला खेलती हैं और दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होता है। केरल में बच्चों को पहले अक्षर लिखना सिखाया जाता है, और मैसूरु में दशहरे का जुलूस निकलता है।

सही समय कैसे चुनें

दशहरा उस दिन मनाया जाता है जब दोपहर के बाद के समय, यानी अपराह्न में दशमी तिथि हो। इसीलिए दशहरे के दिन सुबह के पंचांग में नवमी दिख सकती है। पूजा का समय तब शुरू होता है जब दशमी लगती है। शस्त्र पूजा और विजय मुहूर्त दोपहर के बाद का है, और रावण दहन शाम को सूर्यास्त के बाद, हालाँकि स्थानीय रामलीला समितियाँ अक्सर अपना समय खुद तय करती हैं। दिल्ली के लिए दशमी का आरंभ और अंत Kaalo पंचांग में देखें, और दहन के समय के लिए अपनी समिति की घोषणा को ही अंतिम मानें।

आगामी तिथियाँ

  • 2027शनिवार, 9 अक्टूबर 2027अगला
  • 2028बुधवार, 27 सितंबर 2028Dashami prevails at aparahna Sep 27

इस दिन का पंचांग

शनिवार, 9 अक्टूबर 2027

तिथि
नवमी (शुक्ल)9:02 am तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा10:18 am तक
योग
सुकर्मा
करण
कौलव
वार
शनिवार
चंद्र राशि
मकर
सूर्य राशि
कन्या
सूर्योदय
6:18 am
सूर्यास्त
5:59 pm
चंद्रोदय
2:30 pm
चंद्रास्त
12:29 am
विक्रम संवत
VS 2084
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
मास (अमांत)
आश्विन
राहु काल9:13 am – 10:41 am
पूरा पंचांग देखें →

अन्य त्योहार